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धान खरीदी केंद्रों में उठाव नहीं, बढ़ गई समिति प्रबंधकों की चिंता, लिमिट नही बढ़ने के कारण कर्मचारी और मजदुर बैठे रहते हैं खाली

अम्लेश्वर : पाटन ब्लॉक के धान खरीदी केंद्रों में धान के उठाव नहीं होने से समिति प्रबंधकों की चिंता बढ़ गई है। अब धान का उठाव न होने से कई केंद्रों में खरीदी बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।वही लिमिट कम होने के कारण खाली बैठे रहने मजबूर है मजदूर। लगभग दोपहर 2:00 बजे के बाद कोई किसान नहीं बचता काटा कराने के लिए।

छत्तीसगढ़ शासन ने 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू की गई है वही खरीदी केंद्रों में धान जाम होने लगा है, उठाव नहीं हो रही है जिससे आने वाले समय में खरीदी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

पिछले साल की तरह इस बार भी अगर धान का उठाव समय पर नहीं हुआ, तो कई केंद्रों में खरीदी बंद करनी पड़ सकती है। पिछले साल रानीतराई में खरीदी केंद्र के बाहर लेना पड़ा और सुरपा में तो स्कूल में खरीदी की गई वही सांतरा सोसायटी में तो हप्पते भर खरीदी ही बंद हो गई थी। लेकिन शासन-प्रशासन इस ओर से मौन है।

जानकारी के मुताबिक, डीईओ (डिलीवरी ऑर्डर) तो कट रहा है, लेकिन ज्यादातर राइस मिलों के नजदीक के केंद्रों में ही पहुंच रही परिवहन गाड़ी,दूरदराज के केंद्रों तक परिवहन गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही।

धान खरीदी केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार ब्लॉक कई सोसाइटी में धान जाम हो गई है।जिससे खरीदी प्रभावित हो सकती है। वही धान अत्यधिक सूख गया है जिससे नमी की मात्रा 10 से 12 परसेंटेज तक आ रही है। जिससे कट्टा में धान छलक कर जमीन पर गिर रहा है। बोरी में भी नहीं रख पा रहे हैं ठेकेदार क्योंकि जितनी खरीदी होती है उतने ही कट्टा की एंट्री की जाती है। साथ ही  ब्लॉक के जमराव सोसाइटी में अभी तक सिर्फ 14000 कुंटल की खरीदी की गई है जबकि 38000 कुंटल की खरीदी करनी है अगर लिमिट नही बढ़ती है तो समय में धान की खरीदी संभव नहीं। यही हाल पूरे ब्लॉक की है। जिसे पर शासन प्रशासन मौन साधे हुए हैं।

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