शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन शिव विवाह का प्रसंग, अरमरीखुर्द पहुंचे कल्पना नारद साहू

जामगांव आर- ग्राम अरमरीखुर्द मे सप्ताह शिव महापुराण कथा चल रहा है। सवा लाख पार्थिव पूजन व शिव महा पुराण कथा के पांचवे दिन कथा मे कल्पना नारद साहू ने शिव विवाह की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि आत्मा का परमात्मा से मिलन ही शिव में लीन हो जाना है। भगवान शंकर वैराग्य के देवता माने गए है, परंतु शिव ने विवाह भी कर संसार को गृहस्थ आश्रम में रहकर भी वैराग्य व योग धर्म का अनुशरण करने का तरीका दिया।
कथावाचक ने कहा कि शिव परिवार में भगवान के वाहक नन्दी, मां पार्वती का शेर, गणेश जी का मूसक और कार्तिकेय का वाहन मोर है। शिव के गले मे सर्प रहते हैं जो सभी विपरीत विचारधारा के बीच सामंजस्य रखना ही शिव पुराण सिखाता है। भगवान के विवाह के वर्णन में मैनादेवी व हिमालय राज की पुत्री के रूप मे मां पार्वती का जन्म लेना। प्रारम्भिक काल मे शिव की तपस्या करना, उसी दौरान तारका सुर के आतंक को खत्म करने के लिए शिव का तन्द्रा भंग हुई। तब जाकर शिव पार्वती का विवाह हुआ।



इस अवसर- कल्पना नारद साहू सभापति जिला पंचायत दुर्ग, लालेश्वर साहू अध्यक्ष तहसील साहू संघ पाटन, कमलेश साहू मंडल अध्यक्ष भाजपा जामगांव आर, नारद साहू अध्यक्ष भाजयुमो दक्षिण पाटन अभिषेक सेन, संजू साहू लोकगायक सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।



