अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदबिलासपुरभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

मधु तिवारी द्वारा छत्तीसगढ़ी में अनुवादित “सीतापति कथा- छत्तीसगढ़ी रामायन” का विमोचन

कुम्हारी। विगत दिनों छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के तत्वावधान में नवां प्रांतीय सम्मेलन बिलासपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण व प्रचार-प्रसार को समर्पित रहा। लोक-संस्कृति से सजे आयोजन में प्रदेशभर के साहित्यकारों और भाषा-प्रेमियों की सहभागिता रही, जहाँ छत्तीसगढ़ी भाषा की वर्तमान स्थिति और भविष्य पर सारगर्भित विचार-विमर्श हुआ।

सम्मेलन ने छत्तीसगढ़ी को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के रूप में सुदृढ़ करने का संदेश दिया। उक्त कार्यक्रम में साहित्यकारों के छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित कृतियों का विमोचन हुआ जिसमें कुम्हारी (कपसदा) की रचनाकार श्रीमती मधु तिवारी की कृति सीतापति कथा: छत्तीसगढ़ी रामायन, जिसमे की छत्तीसगढ़ी भाषा में रामचरितमानस का संपूर्ण छत्तीसगढ़ी काव्यात्मक अनुवाद है।

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7

जो छत्तीसगढ़ी दोहा, चौपाई, सोरठा इत्यादि में अनुवादित है का भी विमोचन हुआ श्रीमती मधु तिवारी ने बताया की इस कार्य में उन्हें लगभग सात वर्ष का समय लगा है और यह पुस्तक करीब 630 पृष्ठों की है। अपनी मेहनत को फलीभूत होते हुए देखकर जहां उन्हें बेहद खुशी हुई वहीं आयोजन में लोगों द्वारा मिली प्रशंसा से वे भावुक भी हैं। आयोजन में उपस्थित वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकारों इसके लिए उन्हें बधाई भी दी।

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7 Advertisement 8 Advertisement 9 Advertisement 10 Advertisement 11 Advertisement 12

पेशे से शिक्षिका मधु तिवारी विगत कई वर्षों से लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। कविताएं लघु कहानियां एवं छत्तीसगढ़ी में उनके द्वारा लिखे गीत और रचनाओं के पुस्तकों का प्रकाशन भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि वर्षों का उनका सपना अब जाकर साकार हुआ है इस बात की उन्हें बेहद खुशी है।

उक्त कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल , बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल , बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ,बेमेतरा विधायक सुशांत शुक्ला एवं तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं बुद्धिजीवी उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!