पाटन ब्लॉक में ग्रीष्मकालीन धान के बदले सरसों, चना, मक्का ,तीवडा, मूंगफली ,अलसी फसलों की खेती की जा रही है
अम्लेश्वर: कृषको ने ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन तिलहन मक्का फसलों की खेती को प्राथमिकता दी है यह नवाचार कलेक्टर जिला दुर्ग के मार्गदर्शन एवं उपसंचालक कृषि जिला दुर्ग के सतत समन्वय से सफलता पूर्वक विकास खंड पाटन के विभिन्न ग्रामों में क्रियान्वित हो सका है
विकासखंड पाटन के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के सतत प्रयास से आज ग्राम दरबार मोखली खपरी, कसही, मगरघटा ,नवागांव , तर्रा ,राखी, गुढ़ियारी, चुलगहन ,गभरा ,नारधी, घोरारी, पौहा, तरीघाट, सोनपुर आदि ग्रामों में ग्रीष्मकालीन धान के बदले सरसों चना मक्का तीवडा मूंगफली अलसी फसलों की खेती की जा रही है



ग्राम तरीघाट के कृषक शशिधर साहू रूपेश साहू हुलास साहू संजय निषाद मुकेश सेन कजाधर सिंह डीके सिंह आदि कृषको ने ग्रीष्मकालीन धान के बदले सरसों फसल की खेती अपनाई है
ग्राम दरबार मोखली से कृषक नितिन वर्मा पवन बंछोर चंद्रिका वर्मा एवं ग्राम कसही से अभिषेक वर्मा तामेश्वर बंछोर चंपा बाई ने ग्रीष्मकालीन धान के बदले मक्का फसल की खेती अपनाई है
कृषको का मानना है की ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसल से भूमि की उर्वरता बनी रहेगी एवं उनके आय में कोई कमी नहीं होगी कृषि विभाग के द्वारा सतत प्रयास किया जा रहा है कि कृषक ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन तिलहन मक्का आदि फसलों को बढ़ावा दे।
मुकेश मढरिया वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड पाटन



