दामाखेड़ा में उदितमुनि नाम साहब का ‘चादर तिलक’ संपन्न: रिसामा से उमड़ा आस्था का सैलाब
दुर्ग: कबीर पंथ के प्रमुख तीर्थ स्थल कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित संत समागम समारोह (माघ मेला) श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस भव्य आध्यात्मिक आयोजन का मुख्य आकर्षण नवोदित वंशाचार्य उदितमुनि नाम साहब का ‘चादर तिलक’ समारोह रहा, जिसमें देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
रिसामा से रही विशेष सहभागिता:
इस पावन अवसर पर ग्राम रिसामा (जिला दुर्ग) से 150 से अधिक श्रद्धालु दो विशेष बसों के माध्यम से दामाखेड़ा पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कबीर साहब एवं धनी धर्मदास साहब की परंपरा के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए नवोदित वंशाचार्य उदितमुनि नाम साहब से आशीर्वाद प्राप्त किया।
गणमान्य जनों की रही उपस्थिति:
समारोह में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से लेखुदास जी, गितेश्वर साहू, कमल साहू, हेमलाल, पिलेश्वर साहू, भूषण साहू, ओमकार साहू, टामेश्वर प्रसाद, रामदास एवं जनपद सदस्य ढालेश साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
भक्तिमय रहा वातावरण:
समूचा दामाखेड़ा परिसर “सतनाम” और “साहब बंदगी” के जयघोष से गूंज उठा। संतों एवं वक्ताओं ने कबीर साहब के विचारों—सत्य, समानता और मानवता—को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। चादर तिलक कार्यक्रम के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर जनपद सदस्य ढालेश साहू ने कहा—
कबीर साहब का दर्शन आज भी समाज को जोड़ने और समानता का मार्ग दिखाता है। नवोदित वंशाचार्य उदितमुनि नाम साहब का चादर तिलक केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सत्य, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प है।”



