अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदबिलासपुरभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग का होगा दो-दिवसीय वार्षिक समीक्षा बैठक

दुर्ग ,अम्लेश्वर। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग का 13 से 14 मई 2026 तक दो-दिवसीय ‘वार्षिक समीक्षा बैठक’ का आयोजन उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सांकरा मे किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विश्वविद्यालय के अंतर्गत चल रहे शोध (Research), प्रक्षेत्र (Farm) और विस्तार (Extension) गतिविधियों की गहन समीक्षा की जाएगी।इस समीक्षा बैठक में प्रदेश के 8 जिलों के सहायक संचालक (कृषि एवं उद्यानिकी) तथा विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 9 महाविद्यालयों के अधिष्ठाता (Deans) विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ विजय जैन, डॉ एल एल वर्मा एवं संयुक्त संचालक कृषि दुर्ग संभाग श्रीमती गोपिका गवेल की गरिमामय उपस्थिति में बैठक सम्पन्न होगी यह दो दिवसीय वार्षिक समीक्षा बैठक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि आर सक्सेना के मार्गदर्शन, निदेशक अनुसंधान सेवायें डॉ जितेंद्र सिंह के नेतृत्व एवं कुलसचिव श्री यशवंत के राम जी के दिशा निर्देश से संपन्न होगा.

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7

बैठक के दौरान पिछले वर्ष की उपलब्धियों का आकलन करने के साथ-साथ आगामी सत्र की कार्ययोजना पर चर्चा की जा रही है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर (डॉ.) अमित दीक्षित ने बैठक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, “इस दो-दिवसीय मंथन से जो निष्कर्ष और सुझाव निकलकर आएंगे, वे कृषकों की आय बढ़ाने और विद्यार्थियों के शैक्षणिक व व्यावहारिक कौशल के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। शोध और विस्तार कार्यों के समन्वय से उन्नत कृषि तकनीकों को सीधे खेतों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7 Advertisement 8 Advertisement 9 Advertisement 10 Advertisement 11 Advertisement 12

“बैठक के पहले दिन विभिन्न प्रक्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें नवाचार और आधुनिक उद्यानिकी एवं वानिकी तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जायेगा कल बैठक के दूसरे दिन भविष्य की रणनीतियों को महत्वपूर्ण चर्चा होगी.

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!