अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदबिलासपुरभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

अमलेश्वर में अवैध कब्जों पर नहीं चल रहा बुलडोजर, कार्रवाई के लिए जनप्रतिनिधियों को देना पड़ रहा आवेदन — नगरवासियों में आक्रोश

अमलेश्वर। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं होने से नगरवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थिति यह है कि जनप्रतिनिधियों को भी कार्रवाई कराने के लिए नगर पालिका सीएमओ को लिखित आवेदन देना पड़ रहा है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

मिली जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 01 में पेट्रोल पंप के पास अवैध कब्जे का मामला सामने आया है, जहां कब्जा कर गार्डनिंग की जा रही है। इतना ही नहीं, बिजली पोल को भी कब्जे में लेने की बात सामने आई है। इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद एवं पालिका के पीआईसी सदस्य डॉ. आलोक पाल ने नगर पालिका सीएमओ को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है और निर्माण कार्य पूर्णता की ओर बढ़ रहा है।

बताया जा रहा है कि उक्त स्थान पर सार्वजनिक कार्य भी होते रहे हैं। पिछले वर्ष क्वांर नवरात्रि के दौरान यहां मां दंतेश्वरी मैया की प्रतिमा स्थापित कर आकर्षक झांकी बनाई गई थी, जो नगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही थी।

नगरवासियों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधियों को ही अपनी पालिका में अवैध कब्जा हटाने के लिए आवेदन देना पड़ रहा है और उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। जानकारी यह भी सामने आई है कि अतिक्रमण के विषय में पालिका प्रशासन द्वारा तहसीलदार पाटन को पत्र प्रेषित किया गया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई प्रभावी पहल दिखाई नहीं दे रही है।

लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए केवल आवेदन और पत्राचार कर मामले की इतिश्री कर रहे हैं। नगर में अवैध कब्जा, अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनियों जैसे मुद्दे आज भी जस के तस बने हुए हैं, जबकि पालिका प्रशासन इस विषय में उदासीन नजर आ रहा है।

नगरवासियों के अनुसार परिषद गठन के बाद से अब तक किसी भी बड़े अवैध कब्जे या अवैध कॉलोनी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोग अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। राजनीतिक हलकों में भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जनप्रतिनिधियों को अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए बार-बार आवेदन देना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि 25 मार्च को पालिका प्रशासन द्वारा सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विपक्षी पार्षदों ने आय-व्यय की जानकारी मांगी थी। जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने बैठक का बहिष्कार करते हुए आय-व्यय एवं अवैध कब्जों जैसे मुद्दों पर लिखित आवेदन दिया था, जिसका निराकरण आज तक नहीं हो पाया है। यह मामला भी नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वहीं हाल ही में पीआईसी मेंबरों की बैठक संपन्न होने की जानकारी भी सामने आई है, लेकिन उसमें किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!