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नारकोटिक्स नियंत्रण एवं नशामुक्ति अभियान के संबंध में प्रभारी सचिव श्री बोरा ने ली बैठक

 

दुर्ग, 12 मई 2026/ जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में नारकोटिक्स नियंत्रण एवं नशामुक्ति अभियान के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम, नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं तथा संबंधित विभागों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2026 में एनडीपीएस एक्ट एवं नारकोटिक्स एक्ट के तहत कुल 68 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में गांजा, गांजा पौधा, हेरोइन, नशीली दवाइयां, अफीम, अफीम के बीज तथा डोडा से संबंधित जब्ती की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 9 लाख 25 हजार रुपये है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में पीआईटी एनडीपीएस के तहत 9 प्रकरण तैयार किए गए हैं तथा 36 वाहनों की नीलामी भी कराई गई है।

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जनवरी से अप्रैल 2026 तक स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों की रोकथाम को लेकर जिले में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की गई। खाद्य एवं औषधि अधिकारी ने बताया कि इस अवधि में कुल 715 निरीक्षण किए गए। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 32 नोटिस जारी किए गए। वहीं नार्काेटिक्स दवाइयों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर 4 मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से 11 कार्रवाई भी की गई हैं। प्रभारी सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों के विक्रय एवं वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने औषधियों का नियमित भौतिक सत्यापन करने तथा जहां से अवैध सप्लाई हो रही है, वहां भी सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त कार्यवाही करने को कहा।

प्रभारी सचिव श्री बोरा ने नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों में तीन माह तक रखा जाता है। इस अवधि को बढ़ाने पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आयु वर्ग के अनुसार हितग्राहियों को पृथक रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। प्रभारी सचिव ने कहा कि नशे की लत से मुक्त हो चुके हितग्राहियों की सफलता का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और अन्य लोग भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित हों। इसके लिए छोटे-छोटे वीडियो एवं क्लिप्स तैयार कर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

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