पहन्दा पार की सामाजिक नीति बनी अनुकरणीय, संगठन मजबूती की दिशा में सराहनीय पहल/महेश यदु

अमलेश्वर/पाटन। यादव ठेठवार समाज रायपुर राज अंतर्गत पहन्दा (अ) पार की अनुकरणीय सामाजिक नीति आज पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनती जा रही है। पहन्दा पार 13 गांव परिक्षेत्र में फैला हुआ है, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के समीप स्थित है। आधुनिकता और चकाचौंध के इस दौर में समाज के प्रति इस प्रकार का समर्पण और संगठित प्रयास अत्यंत सराहनीय माना जा रहा है।
मात्र एक वर्ष के कार्यकाल में पार अध्यक्ष महेश यादव ने पहन्दा पार को पूरे छत्तीसगढ़ यादव ठेठवार समाज में एक अलग पहचान दिलाने का कार्य किया है। हाल ही में आयोजित पहन्दा पार के वार्षिक अधिवेशन में पूर्व मुख्यमंत्री को आमंत्रित कर तथा आसपास के विभिन्न पार एवं राज के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में भव्य और सफल आयोजन कर समाज की एकजुटता का परिचय दिया गया।



इस आयोजन में युवा प्रकोष्ठ के कृष्ण कुमार यादव एवं महिला प्रकोष्ठ की मीनाक्षी यादव के नेतृत्व में मंच व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं अन्य व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट संचालन किया गया, जिसकी सभी अतिथियों एवं समाजजनों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
आज के समय में जहां अधिकांश सामाजिक गतिविधियां केवल फूल-माला और भाषणों तक सीमित होती जा रही हैं, वहीं पहन्दा पार समाज ने सामाजिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सर्वसम्मति से ठोस नियम एवं नीतियां बनाने का निर्णय लिया है। समाजजनों का मानना है कि ऐसे निर्णय समस्त राज एवं पार के लिए अनुकरणीय हैं।
समाज के प्रबुद्धजनों ने कहा कि संगठन को मजबूत एवं एकजुट बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य करना आवश्यक है। यदि समाज इसी प्रकार संगठित प्रयास और सामाजिक अनुशासन के साथ आगे बढ़ता रहा, तो निश्चित रूप से यादव ठेठवार समाज नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।



