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स्व. दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय का नाम सिर्फ दीवार तक सीमित! अंकसूची में अब भी ‘नवीन कॉलेज रानीतराई’ दर्ज होने से उठे सवाल

रानीतराई। दुर्ग जिले के रानीतराई स्थित स्वर्गीय दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय का नाम आज भी केवल महाविद्यालय की दीवार और नामपट्ट पर ही दिखाई दे रहा है। वहीं विद्यार्थियों की अंकसूची (मार्कशीट) में अब तक महाविद्यालय का नाम “नवीन कॉलेज रानीतराई” ही दर्ज किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में चर्चा का विषय है।

जानकारी के अनुसार, सितंबर 2021 में नवीन महाविद्यालय का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महाविद्यालय का नाम स्वर्गीय दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय, रानीतराई रखने की घोषणा की थी। इसके बावजूद वर्ष 2025-26 की डिप्लोमा अंकसूची सहित अन्य शैक्षणिक अभिलेखों में अब भी पुराने नाम “नवीन कॉलेज रानीतराई” का ही उल्लेख किया जा रहा है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि महाविद्यालय परिसर में नए नाम का बोर्ड लगा हुआ है और इंटरनेट पर भी गूगल सर्च करने पर स्व. दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय, रानीतराई नाम प्रदर्शित होता है। इसके बावजूद आधिकारिक दस्तावेजों में नाम परिवर्तन लागू नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

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यह तकनीकी समस्या है या कोई प्रशासनिक प्रक्रिया लंबित है, इसका स्पष्ट उत्तर संबंधित विश्वविद्यालय अथवा उच्च शिक्षा विभाग ही दे सकता है। फिलहाल क्षेत्र के नागरिकों का मानना है कि जिस महापुरुष के सम्मान में महाविद्यालय का नामकरण किया गया है, उनका नाम आधिकारिक दस्तावेजों में भी अंकित होना चाहिए, ताकि घोषणा का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण हो सके।

क्षेत्रवासियों ने संबंधित विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा विभाग से इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए महाविद्यालय के आधिकारिक नाम को सभी शैक्षणिक अभिलेखों और अंकसूचियों में शीघ्र दर्ज कराने की मांग की है।

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