भोजली उत्सव 2026 : टुकनी एवं पारंपरिक अनाज वितरण के साथ लोक संस्कृति संरक्षण की पहल
भिलाई-चरोदा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि परंपरा, लोक संस्कृति एवं पारंपरिक अनुष्ठानों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भोजली उत्सव 2026 का आयोजन भिलाई-चरोदा नगर निगम क्षेत्र के सभी 40 वार्डों को जोड़ते हुए किया जा रहा है। लगातार दूसरे वर्ष आयोजित होने वाले इस लोकपर्व को व्यापक एवं भव्य स्वरूप देने के लिए वार्डवार दलों का गठन किया गया है।
मुख्य संयोजक समाजसेवी प्रेमलाल साहू एवं जनजाति शोधार्थी तथा लोक संस्कृति कर्मी राम कुमार वर्मा के संयोजन में आयोजित इस उत्सव के अंतर्गत सहभागी बहनों को प्रोत्साहित करने के लिए बांस की पारंपरिक टुकनियां तथा विभिन्न प्रकार के पारंपरिक अनाजों के पैकेट वितरित किए गए। इन अनाजों में गेहूं, चना, मूंग, उड़द, मसूर, तिवड़ा, तिल एवं अरहर आदि शामिल हैं।




भोजली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान, पारंपरिक बीज संरक्षण और भाई-बहन के स्नेह का जीवंत प्रतीक है। इस पर्व में बहनें उपवास रखकर भोजली की पूजा-अर्चना करती हैं तथा अपने भाइयों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और वंशवृद्धि की मंगलकामना करती हैं। भोजली के माध्यम से पारंपरिक बीजों के अंकुरण, मिट्टी की गुणवत्ता एवं भूमि की जलधारण क्षमता जैसी कृषि संबंधी लोक परंपराओं का भी पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरण होता है।
इस लोकपर्व को सुव्यवस्थित एवं अनुशासित रूप से आयोजित करने के लिए गठित समिति में संरक्षक– श्रीमती सुषमा जेठानी (अध्यक्ष, सिंधी एकेडमी छ. ग. शासन ), श्रीमती सीता साहू (पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद भिलाई चरोदा) एवं श्रीमती चंद्रकांता माण्डले (पूर्व महापौर, नगर पालिक निगम भिलाई चरोदा), अध्यक्ष– तुलसी मरकाम, उपाध्यक्ष –प्रेम लता चंद्राकर एवं पूर्णिमा ठाकुर, गीता साहू, शिवकुमारी यादव, सचिव – गीता वर्मा, कोषाध्यक्ष– साधना वर्मा, प्रचार सचिव– पुष्पा गैंड्रे, सकुन देवांगन, पूनम श्रीवास्तव, गिरिजा श्रीवास एवं द्रोपती वर्मा, संगठन सचिव– नम्रता विश्वकर्मा, सुजाता डोंगरे, श्वेता स्वर्णकार एवं इंदु साहू सहित अनेक सदस्य सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
समिति में लता बंछोर, बलजीत कौर, इंदु साहू, प्रतिमा वर्मा, गायत्री साहू, उषा चौहान, शतरुपा निर्मलकर, कमल निषाद, रेखा वर्मा सहित अन्य सदस्य एवं सहयोगी रवि नाहर, महेश सोना, कृष्ण कुमार वर्मा, वोमन निर्मलकर, राजू नेताम, तुलसी ध्रुव, संजय ठाकुर, गुलशन ढ़िंढ़े, लाखन वर्मा, दीनदयाल साहू, देवकी चंद्राकर, गिरिजा श्रीवास, कविता वर्मा, हीरा साहू, अंजु वर्मा, इंदु वर्मा, गायत्री साहू, दयादास साहू, रीना चंद्राकर, निशा यादव, हीरावती सोना, मेनका यादव, कमल तांडी, गायत्री यादव, सुनीता देवी, मंजू साहू, भारती पटेल एवं हरीश साहू, गायत्री यादव, गंगा लहरी, राजेश यादव, सुशील यादव, राम कुमार साहू, नारायण राव, योगेश यादव, थानेश्वर साहू, अमर साहू, प्रदीप यादव, सहित अनेक लोग सहभागिता निभा रहे हैं।
लोक संस्कृति एवं पारंपरिक पर्वों के संरक्षण और संवर्धन की इस पहल के लिए विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए आयोजकों को बधाई दी है।
भोजली विसर्जन एवं शोभायात्रा के दौरान अनुशासन, पारंपरिक वेशभूषा और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुति को प्रोत्साहित करने के लिए समिति द्वारा आकर्षक पुरस्कारों की भी व्यवस्था की गई है। प्रथम पुरस्कार ₹2,501, द्वितीय ₹2,001, तृतीय ₹1,501, चतुर्थ ₹1,000 एवं पंचम पुरस्कार ₹500 रखा गया है। इसके अतिरिक्त विशेष अनुशासन एवं उत्कृष्ट वेशभूषा के लिए ₹1,000 का विशेष पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।
मुख्य संयोजक प्रेमलाल साहू एवं जनजाति शोधार्थी व लोक संस्कृति कर्मी राम कुमार वर्मा सहित भोजली उत्सव समिति के समस्त सदस्यों ने भिलाई-चरोदा नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे भोजली उत्सव 2026 में पूरे उत्साह, उमंग और पारंपरिक वेशभूषा के साथ सहभागी बनें तथा छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, लोक संगीत, कृषि संस्कृति और पारंपरिक बीजों के संरक्षण की इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
“भोजली हमर संस्कृति, हमर पहचान — आओ मिलकर सहेजें छत्तीसगढ़ की लोक विरासत महान।”



