सीपकोना माइनर नहर का सीमेंटीकरण क्षतिग्रस्त, एक साल में ही पड़ी दरारें — निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

रानीतराई। पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सीपकोना माइनर नहर नाली में किए गए सीमेंटीकरण कार्य में गंभीर खामियां सामने आने लगी हैं। निर्माण के महज एक वर्ष के भीतर ही नहर की दीवार में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, नहर निर्माण के दौरान मानक मापदंडों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। साथ ही, ढलाई के बाद आवश्यक पानी तराई (क्योरिंग) भी ठीक से नहीं की गई, जिसके कारण सीमेंट कमजोर हो गया और अब वह टूटने लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग इस समस्या को लेकर पूरी तरह मौन है और किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। वर्तमान में केवल दरारों को सीमेंट का लेप लगाकर ढकने की कोशिश की जा रही है, जो कि स्थायी समाधान नहीं है।उक्त दरार को भनसूली से सोनपुर नहर नाली पहुंच पर देखा जा सकता है।
इस पूरे मामले में ठेकेदार की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और नहर की मरम्मत सही तरीके से कराने की मांग की है।








