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कृषि महाविद्यालय मर्रा एवं केवीके दुर्ग की संयुक्त स्टेशन मीटिंग लेवल -I आयोजित

पाटन/ कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, मर्रा (पाटन) में कृषि महाविद्यालय, मर्रा एवं कृषि विज्ञान केंद्र पाहंदा(क)दुर्ग के संयुक्त तत्वाधान में खरीफ फसलों से संबंधित एक दिवसीय वैज्ञानिक परिचर्चा “स्टेशन मीटिंग (लेवल–I)” का आयोजन दिनांक 27 अप्रैल 2026 को किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजा-अर्चना के साथ हुआ।

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इस अवसर पर अध्यक्ष के रूप में डॉ. अनिल कुमार वर्मा, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, मर्रा उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत किस्मों एवं वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से दुर्ग जिले में खरीफ फसलों की उत्पादकता को नई ऊँचाइयों तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया तथा किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु व्यावहारिक एवं क्षेत्र-विशिष्ट तकनीकों के विकास की आवश्यकता बताई।

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कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डॉ. विजय जैन, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, पहांदा(क) (दुर्ग) ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र एवं महाविद्यालय के संयुक्त प्रयासों से किसानों तक नवीन तकनीकों का प्रभावी प्रसार संभव है। उन्होंने खरीफ फसल प्रबंधन, जल संरक्षण, समन्वित पोषण एवं कीट प्रबंधन पर विशेष बल दिया तथा किसानों की आय बढ़ाने हेतु वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।

विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. संदीप कुमार भोई, उपसंचालक कृषि, दुर्ग ने विभागीय योजनाओं एवं किसानों के हित में चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी तथा वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।

इस बैठक में कृषि महाविद्यालय, मर्रा के प्राध्यापकगण एवं कृषि विज्ञान केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञों द्वारा खरीफ वर्ष 2025 के परिणामों की समीक्षा की गई तथा वर्ष 2026 के लिए अनुसंधान प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। साथ ही दुर्ग जिले में खरीफ फसलों की स्थिति, चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम का संचालन एवं प्रबंधन ई.के.के.एस. महिलांग एवं डॉ. किरण कुमार द्वारा किया गया। अंत में डॉ. सी.आर. नेताम द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र के समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

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