लगातार बारिश से खेती-किसानी ने पकड़ी रफ्तार, किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए किया जा रहा जागरूक

दुर्ग,पाटन। जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आ गई है। खेतों में किसानों की सक्रियता बढ़ गई है और धान की रोपाई सहित अन्य कृषि कार्य पूरे उत्साह के साथ किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती का माहौल फिर से जीवंत नजर आने लगा है।
किसानों का कहना है कि प्रदेश में धान का समर्थन मूल्य बढ़ने के बाद खेती के प्रति उनका रुझान बढ़ा है। बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद से अधिक किसान आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए खेती की ओर लौट रहे हैं। इससे कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।



वहीं, राज्य सरकार द्वारा किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए भी लगातार जागरूक किया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को रासायनिक उर्वरकों का संतुलित एवं कम उपयोग करने तथा जैविक खाद अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसका उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और धरती को सुरक्षित रखना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैविक खाद के अधिक उपयोग से खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार आएगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। कृषि विभाग किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन देकर टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।



