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देवबलोदा में साहू समाज महिला प्रकोष्ठ का भव्य तीज मिलन समारोह संपन्न

भिलाई-चरोदा। स्थानीय साहू समाज देवबलोदा के महिला प्रकोष्ठ द्वारा तीज मिलन समारोह का भव्य एवं हर्षोल्लासपूर्ण आयोजन किया गया। महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका श्रीमती सरस्वती साहू एवं उनकी पूरी टीम के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक एकता, महिला सहभागिता और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की मनमोहक झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में महिलाओं के लिए कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, मटका फोड़ एवं कुर्सी दौड़ सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके साथ ही डांस, गीत, मेहंदी, पकवान, कलश सजाओ, पूजा की थाल सजाओ, फैशन शो एवं तीज क्वीन प्रतियोगिता ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया। महिलाओं ने बस्तरिया गीतों पर जमकर नृत्य किया और पूरे वातावरण को उत्साह एवं उमंग से भर दिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती सीता साहू (पूर्व अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद भिलाई-चरोदा) थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती शालिनी साहू (उपाध्यक्ष, परिक्षेत्रीय साहू समाज उरला) ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्रीमती चंद्रकांता मांडले (पूर्व महापौर, नगर पालिका निगम भिलाई-चरोदा), श्रीमती शिवकुमारी यादव (पार्षद, देवबलोदा), श्रीमती प्रतिभा देवांगन (महिला प्रमुख, देवांगन समाज देवबलोदा), श्रीमती जयश्री वर्मा (महिला प्रमुख, मनवा कुर्मी समाज देवबलोदा), श्रीमती शशि साहू (धर्मपत्नी, परिक्षेत्रीय साहू समाज उरला) एवं श्रीमती सविता साहू (पूर्व पार्षद, देवबलोदा) उपस्थित रहीं।
वहीं विशेष अतिथि प्रेम लाल साहू (पूर्व तहसील अध्यक्ष पाटन एवं पूर्व महामंत्री, जिला साहू संघ दुर्ग), श्री दीपक साहू (अध्यक्ष, तहसील साहू संघ भिलाई-चरोदा), भुवन साहू (पूर्व अध्यक्ष, परिक्षेत्रीय साहू समाज उरला) एवं उमेश साहू (अध्यक्ष, स्थानीय साहू समाज देवबलोदा) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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अतिथियों ने दिया सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण का संदेश
मुख्य अतिथि श्रीमती सीता साहू ने कहा कि तीज केवल धार्मिक एवं पारंपरिक पर्व ही नहीं, बल्कि महिलाओं के आपसी स्नेह, संस्कार और सामाजिक सहभागिता का उत्सव है। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ समाज को जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं श्रीमती शालिनी साहू ने कहा कि समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित यह आयोजन सामाजिक एकता, महिला प्रतिभा और हमारी समृद्ध छत्तीसगढ़ी परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में सराहनीय पहल है।

श्रीमती चंद्रकांता मांडले ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। तीज मिलन जैसे आयोजन हमारी संस्कृति को जीवंत रखने के साथ समाज में आपसी भाईचारा और आत्मीयता बढ़ाते हैं।

प्रेम लाल साहू ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में होती है और इस एकजुटता को मजबूत करने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करें।

दीपक साहू ने कहा कि तीज मिलन समारोह हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत का सुंदर प्रतीक है। महिलाओं की इतनी बड़ी संख्या में सहभागिता यह दर्शाती है कि समाज की मातृशक्ति सामाजिक संगठन को नई दिशा और मजबूती देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने महिला प्रकोष्ठ की पूरी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

श्रीमती दीक्षा साहू बनीं तीज क्वीन
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। श्रीमती दीक्षा साहू को तीज क्वीन चुना गया। वहीं सोलह श्रृंगार में श्रीमती सरोजनी साहू तथा छत्तीसगढ़ी परिधान में श्रीमती लता साहू को पुरस्कृत किया गया।
विभिन्न खेल एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उपविजेता प्रतिभागियों को आकर्षक उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सहभागिता करते हुए गीत-संगीत और विशेष रूप से बस्तरिया गीतों पर उत्साहपूर्वक नृत्य प्रस्तुत किया। इससे पूरा समारोह उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया।

कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका श्रीमती सरस्वती साहू ने किया, जबकि मंच का सफल संचालन रेश्मा साहू एवं प्रीति साहू ने किया।
इस अवसर पर टंकेश्वर साहू, पीताम्बर साहू, पन्ना साहू, भीषण साहू, दीनबंधु साहू, रोहित साहू, भूषण साहू, प्रद्युम्न साहू, श्रवण साहू, देवराज साहू, कौशल साहू, गीता साहू, मीना साहू, शिवकुमारी साहू, गिरिजा साहू, अनीता साहू, संगीता साहू, लक्ष्मी साहू, लता साहू, लीना साहू, माहेश्वरी साहू, पार्वती साहू, राजेश्वरी साहू, सरोज साहू, दानेश्वरी साहू, शुकवारो साहू, पत्रिका साहू, सीमा साहू, कोहिनूर साहू, द्रोपती साहू, मीनू साहू, कुलेश्वरी साहू, लक्ष्मी साहू, ललिता साहू, नेहा साहू, डॉली साहू, केशर साहू, आरती साहू एवं रत्ना साहू सहित सैकड़ों की संख्या में सामाजिक महिलाएं एवं समाजजन उपस्थित रहे।
महिला प्रकोष्ठ के इस आयोजन ने तीज पर्व को सामाजिक एकता, महिला प्रतिभा, सांस्कृतिक संरक्षण एवं आपसी सद्भाव के उत्सव के रूप में नई पहचान प्रदान की।

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