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खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल लाइन प्रोजेक्ट के सम्बन्ध में भूमि अंतरण, खाता विभाजन, व्यपवर्तन प्रतिबंध पर आंशिक छूट

दुर्ग, 22 अगस्त 2025/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना के लिए दुर्ग जिले के प्रभावित 23 गांवों में भू-अर्जन संबंधी प्रतिबंध में आंशिक छूट देने के निर्देश दिए है। ज्ञात हो कि खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा परियोजना नई रेलवे लाइन में पाटन अनुभाग के ग्राम ठकुराईनटोला, बठेना, देमार अरसनारा, नवागांव, देवादा, सांतरा, मानिकचौरी, बोहारडीह, फेकारी, धौराभाठा तथा दुर्ग अनुभाग के ग्राम घुघसीडीह, खोपली, बोरीगारका, पुरई, कोकड़ी, कोड़िया, भानपुरी, चंदखुरी, कोनारी, चंगोरी, बिरेझर, थनौद इस प्रकार कुल 23 ग्राम सम्मिलित है।

पूर्व आदेश के अनुसार इन गांवों की सभी भूमियों पर खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई गई थी। जिसे अब आंशिक छूट देने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर के उप मुख्य अभियंता/निर्माण द्वारा नई सूची उपलब्ध कराई गई है। जिसके अनुसार अब केवल उन खसरों पर प्रतिबंध जारी रहेगा जो रेलवे संरेखण से 150 मीटर की परिधि के अंतर्गत आते हैं। रेलवे द्वारा प्रस्तुत सूची में शामिल खसरों को छोड़कर, शेष सभी भूमियों पर लगा प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।

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*आंशिक रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में ग्राम करगाडीह और पाउवारा भी शामिल*

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कलेक्टर श्री सिंह ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2024 के तहत उक्त 23 ग्रामों के अलावा ये दुर्ग अनुभाग के दो नए गांव करगाडीह और पाउवारा में भूमि अंतरण, खाता विभाजन एवं व्यपवर्तन को आंशिक रूप से प्रतिबंधित किया है। दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा दी गई नई सूची के आधार पर उक्त गांवों को भी अब परियोजना में शामिल किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों को मुनाफा कमाने से रोकने के लिए दोनों गांवों में रेलवे ट्रैक के 150 मीटर के दायरे में आने वाली निजी जमीनों/खसरों पर तत्काल प्रभाव से खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई गई है। जिन व्यक्तियों की जमीन/खसरा इस प्रतिबंध से प्रभावित हुई है, वे अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इन आवेदनों पर रेलवे विभाग से राय लेने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

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