छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र में 45 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए,शिक्षकों ने किया जानकारियां लिपिबद्ध

रायपुर 22 सितंबर : केंद्र सरकार की महती आकांक्षा आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के अंतर्गत भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े लोगों, घटनाओं और स्थानों की कहानियों को खोजने और उनका दस्तावेजीकरण करने हेतु CCRT नई दिल्ली प्रशिक्षण प्राप्त करने गए छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को यह उत्तरदायित्व सौपा गया था।
शिक्षक टिकेश्वर प्रसाद गजपाल शासकीय प्राथमिक शाला आगेसरा, शिक्षक राघवेन्द्र कुमार ध्रुव शासकीय प्राथमिक शाला उमरपोटी, शिक्षक एमन सिंह साहू, शिक्षक कृष्ण कुमार साहू और शिक्षक यादराम साहू के द्वारा बालोद, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, बेमेतरा आदि जिलों के अंतर्गत स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों से मिलकर आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले स्वतंत्रता सैनिकों की जानकारी एकत्रित की गई।
धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र नगरी सिहावा के एकमात्र ऐसा गांव है उमरगांव जहां 45 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए। जिसके कारण वर्तमान में इस गांव को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का ग्राम उमरगांव के नाम से जाना जाता है, यहां भी गए। शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल तथा गाँवो में जाकर सेनानियों के परिवार से सम्पर्क किया और उनके संबंध में प्राप्त जानकारियां लिपिबद्ध किया। शिक्षकों के द्वारा सेनानियों को प्राप्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ताम्रपत्र, जेल प्रमाण पत्र, पेंशन प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्रित कर वर्ष 2023 से अब तक 400 से ज्यादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कहानियों को संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत आकाम के डायरेक्टर को प्रेषित किया गया, जिसे उनके द्वारा गहन अध्ययन करने के पश्चात संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के ऑफिसियल वेबसाइट https://amritkaal.nic.in पर अपलोड किया गया , जहां से कोई भी व्यक्ति उनसे संबंधित जानकारियां प्राप्त कर सकते है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के इन शिक्षकों ने अपने अथक प्रयासों से स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले भूले बिसरे स्वतंत्रता सेनानियों के अविस्मरणीय योगदान को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिक्षकों ने बताया कि इन सेनानियों के वंशज आज भी अपने आप को बहुत ही गौरवान्वित महसूस करते हैं।



