निकुम : मनरेगा श्रमिकों के बीच पहुंचे – ढालेश साहू, मनरेगा अधिनियम 2005 एवं बेरोजगारी भत्ता अधिनियम 2013 की दी- जानकारी

दुर्ग : छत्तीसगढ़ प्रदेश मनरेगा मजदूर कल्याण संगठन ने महात्मा गांधी जयंती और राष्ट्रीय स्वच्छता ज्ञान दिवस के अवसर पर ग्राम निकुम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर जनपद सदस्य व किसान नेता ढालेश साहू ग्राम निकुम में उपस्थित मनरेगा श्रमिकों से रूबरू हुए और उन्हें मनरेगा अधिनियम 2005 तथा बेरोजगारी भत्ता अधिनियम 2013 की जानकारी दी।
ढालेश साहू ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को रोजगार का कानूनी अधिकार प्राप्त है। केंद्र सरकार के तहत प्रत्येक पात्र श्रमिक को कम से कम 100 दिन और राज्य सरकार के तहत अतिरिक्त 50 दिन का रोजगार सुनिश्चित करना अनिवार्य है। लेकिन वर्तमान में लगभग 99% मनरेगा जॉब कार्डधारी श्रमिकों को यह रोजगार प्राप्त नहीं हो रहा है। यह स्थिति सरकारी नीतियों और नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित श्रमिकों को बताया कि धारा 3(1) के अनुसार हर ग्रामीण परिवार का इच्छुक सदस्य कम से कम 100 दिन का अकुशल रोजगार प्राप्त करने का हक़ रखता है, और यदि कोई मजदूर रोजगार से वंचित रह जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता अधिनियम 2013 के तहत उसे भत्ता भुगतान किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश मनरेगा मजदूर कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कौशिक, महासचिव रीना देशमुख, सदस्य राजकुमार, मोहन लाल, ढालसिह, लेखा बेलचंदन, मीना ढीमर, रितु वर्मा, संगीता खुटेल, सुमन खुटेल, सुरेखा, कविता, सोनबाई, हेमलता नेताम, मालती देशमुख, सविता ठाकुर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। संगठन पदाधिकारियों ने मजदूरों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी अनियमितता की सूचना संगठन के माध्यम से प्रशासन तक पहुँचाएँ।



