अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदबिलासपुरभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

अम्लेश्वर पालिका में प्रवीण साहू का सेंचुरी, जमे हुए है अंगद की तरह,नही हिला पा रहे है जनप्रतिनिधि पैर

अम्लेश्वर 30 दिसंबर: छत्तीसगढ़ शासन नगरी प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर से प्रदेश के नगरी निकाय में पदस्थ 93 उप अभियंताओं का स्थानांतरण सूची 18 सितंबर को जारी किया गया है। जिसमें अम्लेश्वर पालिका के उप अभियंता अभी भी जमे हुए हैं, साथ में अशोक यदु साहायक राजस्व निरीक्षक, कंटू यादव चौकीदार के स्थांतरण आदेश जारी हुआ है जिसे सीएमओ ने रिलीव कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार 18 सितंबर को स्थानांतरण आदेश नगरी प्रशासन के द्वारा जारी किया गया है जिसमें नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के प्रवीण साहू का भी नाम शामिल है। नगरी प्रशासन के नियम अनुसार 15 दिवस के अंदर स्थानांतरित निकाय में पदस्थ होना सुनिश्चित किया गया है। लेकिन नगर पालिका अमलेश्वर के इंजीनियर प्रवीण साहू नवीन पदस्थ स्थान नगर पंचायत पाटन में जाने का नाम ही नहीं ले रहा है। वह नगर पालिका परिषद अमलेश्वर में ही अंगद की तरह पैर जमा कर बैठे हुए हैं।जबकि उसके स्थान पर इंजीनियर ढालेंद्र ठाकुर का नव पदस्थ हो गए है।

उप अभियंता प्रवीण साहू का आज 100 दिन पूर्ण हो गया है। जिसके स्थानांतरण के पक्ष में विपक्ष के नेता एसडीएम कार्यालय में 11 दिसंबर को प्रतिवेदन देकर रिलीव करने का निवेदन किया है।मुख्य नगर पालिका अधिकारी के ऊपर रिलीव नही करने का आरोप लगाया है। विपक्ष के जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि सबके के लिए नियम है तो इसे नियम के विरोध स्थांतरण होने के बाद क्यों बैठा कर रखे हैं सीएमओ।

एसडीएम कार्यालय में नगर पालिका उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू नेता प्रतिपक्ष दीपक घिडोड़े, पार्षद भेज लाल सोनकर, पार्षद हेमलाल साहू, पार्षद प्रतिनिधि गिरधर साहू आवेदन लेकर पहुंचे।

लोगो का कहना है कि नगर पालिका परिषद अम्लेश्वर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियमों का हवाला देकर नगर में मूल भूत सुविधा देने से बचती हैं,रोड नाली,पानी बिजली की समस्या लेकर जाओ तो नियमों का हवाला देकर मुंह बंद कर देती है कहती हैं अवैध कालोनी में कोई सुविधा नहीं मिलेगी नगर पालिका के नियम अनुसार।लेकिन वही सीएमओ आखिर किस नियम के तहत 100 पहले स्थानांतरण हुए इंजिनियर प्रवीन साहू को रोक कर रखे हुए है।आखिर वह कौन सा काम है जिसे स्थांतरण होने के 100 दिन बाद भी पूर्ण नहीं कर पाया।

वही इंजिनियर प्रवीन साहू नगर वासियों और जनप्रतिनिधियों को नियम का हवाला देकर गुमराह किया जाता है। लोग मूल भूत सुविधाओ के लिए पालिका के आस पास भटकते हुए नजर आते हैं। जनप्रतिनिधियों का फोन तक नही उठाते पालिका के। अधिकारी कर्मचारी।इन लोगो के ताना शाही रवैया से जनता जनप्रतिनिधि हलाकान हैं।उक्त विषय में सत्ता और विपक्ष के पार्षदों में भी नाराजगी देखी गई है। कुछ दिन पहले नगर पालिका अध्यक्ष दयानंद सोनकर ने कहा था  दो टूक इंजिनियर प्रवीन साहू तो जाने का नाम ही नहीं ले रहा है। आखिर किसका संरक्षण है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!