शासकीय प्राथमिक शाला कौही में स्वामी विवेकानंद जयंती पर उनके महान कार्यों -विचारों से याद किए गए
रानीतराई : शासकीय प्राथमिक शाला कौही में सोमवार 12 जनवरी को प्रार्थना सभा में युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जयंती पर उनके महान विचारों और कार्यों को याद करते हुए श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए।
इस अवसर पर उनके द्वारा शिकागो सम्मेलन में भारत के वसुधैव कुटुम्बकं संस्कृति को विश्व पटल पर रखते हुए भारत को सम्मान दिलाने व उनके विचार – “उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए।” सहित विभिन्न सम्माननीय कार्यों -विचारों जिससे बालक नरेन्द्र नाथ आगे स्वामी विवेकानंद के नाम से प्रसिद्ध हुए के लिए स-सम्मान याद किए गए।



साथ ही राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा पाठ्य पुस्तक के माध्यम से स्वामी विवेकानंद सहित कई अन्य महापुरुषों के महान योगदान को शामिल करना स्वागत योग्य पहल करार दिया गया। जिससे भावी पीढ़ी को मार्गदर्शन मिल रहा है।
विदित हो कि कक्षा दूसरी के हिन्दी विषय में पाठ 19″साहसी बनो” पाठ के नाम से स्वामी विवेकानंद के बाल्यकाल में मिली शिक्षाओं को शामिल किया गया है।
इस अवसर पर प्रधानपाठक राजेन्द्र मारकण्डे, शिक्षक टोकेन्द्र बिजौरा, त्रिलोचन सिंह साहू, शिक्षा स्वयं सेवी श्रीमती लेखा ठाकुर सहित बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।



