व्यावसायिक फूलों की खेती और वैज्ञानिक प्रबंधन पर ग्राम खमरिया में विशेष कार्यशाला

अम्लेश्वर। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत ग्राम खमरिया में पुष्प वर्गीय फसलों पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय सरपंच श्रीमती सोनिया यादव उपस्थित रहीं। उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, संकरा (पाटन) द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में ग्राम के लगभग 50 प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।


कार्यक्रम के दौरान अधिष्ठाता डॉ. अमित दीक्षित ने किसानों को संबोधित करते हुए गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा, मोगरा, ग्लेडियोलस और सेवती जैसी उच्च मांग वाली व्यावसायिक फसलों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उन्नत किस्मों के चयन और वैज्ञानिक पौध रोपण की आधुनिक बारीकियों को विस्तार से साझा किया, जिससे कम लागत में भी किसान गुणवत्तापूर्ण और भरपूर उत्पादन प्राप्त कर सकें। डॉ. दीक्षित ने इस बात पर जोर दिया कि सही तकनीक और समयबद्ध प्रबंधन ही फूलों की खेती को घाटे से उबारकर एक लाभदायक व्यवसाय बना सकता है। इस तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञ डॉ. आयुषी त्रिवेदी एवं डॉ. जितेंद्र साहू ने पुष्प फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों के प्रभावी नियंत्रण और कटाई उपरांत प्रबंधन (Post-harvest management) के गुर सिखाए। विशेषज्ञों ने फूलों की ताजगी और शेल्फ-लाइफ को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए वैज्ञानिक रखरखाव की जानकारी दी, ताकि बाजार में कृषकों को उचित दाम मिल सके।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित कृषकों की तकनीकी शंकाओं का समाधान किया गया और उन्हें भविष्य की कृषि योजनाओं में मार्गदर्शन हेतु विश्वविद्यालय का वार्षिक कैलेंडर भेंट किया।








