जिला पंचायत दुर्ग के सामान्य सभा मं जनपद पंचायत पाटन के अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक के तीखा सवाल, अधिकारी मन ला जवाब दे बर मजबूर करे

दुर्ग। जिला पंचायत दुर्ग के सामान्य सभा के बैठक मं जनपद पंचायत पाटन के अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक अपन इलाका से जुड़े कई गंभीर मुद्दा ऊपर तीखा सवाल उठाइन अऊ संबंधित विभाग के अधिकारी मन ला सीधे जवाब दे बर मजबूर कर दीन। वो ह कहिन कि अब विकास काम कागज मं नइ, जमीन मं दिखना चाही।
बैठक मं जल संसाधन, जल जीवन मिशन, उद्योग, सीएसआर निधि अऊ स्वच्छता सर्वेक्षण जइसन जरूरी विषय ऊपर खास चर्चा होइस।



अध्यक्ष ह जल संसाधन विभाग ले 2024-25 अऊ 2025-26 मं बने नहर, स्टॉप डेम अऊ तालाब के काम के असली स्थिति, खर्च अऊ काम कइसे होइस, ये ऊपर कड़ा सवाल पूछिन। वो ह साफ कहिन कि काम के हकीकत जनता के दिखना चाही।
जामगांव (एम) मं बने हर्बल निष्कर्षण अऊ आयुर्वेदिक दवाई प्रसंस्करण इकाई के बारे मं घलो वो ह सवाल उठाइन। शुभारंभ बखत हजारों स्थानीय युवा मन ला रोजगार देवे के बात कही गे रहिस, फेर अब तक कतका मन ला नौकरी मिलिस, भर्ती कइसे होइस, स्थानीय मन ला प्राथमिकता मिलिस के नइ, किसान मन ला का फायदा मिलिस—ये सब ऊपर साफ जवाब मांगे गीस।
सीएसआर निधि के उपयोग ऊपर घलो अध्यक्ष ह सवाल उठाइन कि कुल पैसा कइंहा-कइंहा खर्च होइस अऊ पाटन विकासखंड ला का फायदा मिलिस। वो ह कहिन कि काम पारदर्शी होय अऊ जनप्रतिनिधि मन के सहभागिता से योजना बने।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के बारे मं अध्यक्ष ह आरोप लगाइन कि मार्च 2026 मं सर्वेक्षण बखत जनप्रतिनिधि मन ला जानबूझ के अलग रखे गीस, जऊन ह उनकर अधिकार के हनन आय। मुख्य कार्यपालन अधिकारी के बयान ऊपर घलो सवाल उठाइस, जेमां कहे गीस कि सर्वेक्षण टीम जनप्रतिनिधि मन ले मिलना नइ चाहिस। ये मामला मं संबंधित अधिकारी अऊ सर्वेक्षण टीम ऊपर कड़ी कार्रवाई के मांग करे गीस।
अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ह साफ कहिन कि विकास काम मं पारदर्शिता, जवाबदेही अऊ जनप्रतिनिधि मन के भागीदारी बहुत जरूरी आय। वो ह सब्बो विभाग ला निर्देश दीन कि तय समय मं जानकारी देवं अऊ जमीन स्तर मं समस्या के तुरते समाधान करंय, नइ त कड़ा कार्रवाई होही।
बैठक मं जिला पंचायत अध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग, जिला पंचायत के सभापति अऊ सदस्य मन, जनपद पंचायत पाटन, दुर्ग अऊ धमधा के अध्यक्ष सहित अऊ घलो कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहिन। संग मं अलग-अलग विभाग के अधिकारी अऊ कर्मचारी मन घलो शामिल रहिन।



