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कुम्हारी में श्रद्धा से मनी बुद्ध जयंती, दो दंपति दानवीर-सम्मान से सम्मानित

सुरेश वाहने,कुम्हारी।भारतीय बौद्ध महासभा कुम्हारी के तत्वावधान में पंचशील बुद्ध विहार, वार्ड क्र. 9 में तथागत गौतम बुद्ध की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ उपासक-उपासिकाओं द्वारा तथागत गौतम बुद्ध और बोधिसत्व बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर कैंडल प्रज्ज्वलन से हुआ। उपासिका प्रेमलता डोंगरे एवं उपासिका दुर्गा वाहने के नेतृत्व में उपस्थित बौद्ध अनुयायियों ने सामूहिक रूप से पंचशील ग्रहण कर धम्म के प्रति अपनी आस्था दोहराई।

“बुद्ध का धम्म ही मानव-धर्म”

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में भा.बौ. महासभा कुम्हारी की अध्यक्ष प्रेमलता डोंगरे ने कहा, _”बुद्ध का धम्म केवल एक पंथ नहीं, मानव-धर्म है। जब तक धरती पर बुद्ध का धम्म रहेगा, तब तक मनुष्यता जीवित रहेगी। उनकी शिक्षाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी ढाई हजार साल पहले थीं।”

“विज्ञान और तर्क की कसौटी पर खरे उतरते हैं बुद्ध”

मीडिया प्रभारी सुरेश वाहने ने कहा कि गौतम बुद्ध ऐसे महापुरुष हैं जिन्होंने मनुष्य के दुःख के कारणों पर वैज्ञानिक चिंतन किया और मनोवैज्ञानिक समाधान दिया। _”उनका मार्ग अंधविश्वास से नहीं, तर्क और अनुभव से होकर जाता है। इसीलिए वे आधुनिक युग में भी प्रासंगिक हैं।”

वरिष्ठ उपासकों चन्द्रमणि वाल्दे, नारद टेम्भुरकर एवं गोविंद लाडेश्ववर ने भी बुद्ध जयंती की शुभकामनाएँ देते हुए धम्म के व्यावहारिक पक्ष पर प्रकाश डाला। दानवीर-सम्मान

धम्म के प्रचार-प्रसार में विशेष योगदान के लिए बौद्ध महासभा द्वारा दानवीर-सम्मान दो दंपतियों विजय पाटिल-ललिता पाटिल और रविंद्र अम्बादे-प्रियंका अम्बादे को प्रदान किया गया।

“प्रेरक उपस्थिति”

बुद्ध जयंती पर बड़ी संख्या में बौद्ध समाज सहित नगर के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति रही जिसमें मुख्य रूप से डिगाम्बर टेंभेकर, विलास चौहान, प्रतीक डोंगरे, सुनील राठोड़, वंदना पाटिल, सुनिता साखरे, ललिना जाम्बुलकर, पूजा जनबंधु, पंचशीला सहारे, अनिता जनबंधु, सुनिता साखरे, प्रतिमा जनबंधु, अनुसुइया वाहने, बारसा बाई चौहान, मंदा, रूपा गौरे, दिव्या सहारे, रीना, सुरेखा मेश्राम, माया वाहने, सुमन, भारती टेंभेकर, अंजू, पायल, कविता टेंभेकर, रसिला, उषा, रेखा बंसोड़, रिना, धर्मशीला नंदेश्वर, विद्या बडोले, मायावती डोंगरे, मौसमी, दृष्टि वाहने, राजकुमारी यादव, कुंजन रंगारी, हर्षिला, अमित टेंभेकर, आकाश बाघमारे, शशांक चौहान, ऋषि कुमार, सुहानी, अमित नंदेश्वर, मुकेश डोंगरे, उदय पाटिल आदि शामिल हैं।

“समापन”

कार्यक्रम के अंत में खीर व पुलाव का वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन संगठन सचिव किशन बोरकर व आभार प्रदर्शन कैलाश टेंभेकर ने किया।

 

 

 

 

 

 

 

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