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राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस पर मैट्स विश्वविद्यालय में ज्ञान, साहित्य और पुस्तकालय उपयोगिता का संदेश

रायपुर। पद्मश्री डॉ. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती एवं राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस-2026 के अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की शोध छात्रा श्रीमती माधुरी ने LIS Quiz Contest-2026 में तृतीय स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया।

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श्रीमती माधुरी मैट्स स्कूल ऑफ लाइब्रेरी साइंस की सहायक प्रोफेसर एवं आयोजन सचिव डॉ. प्रमोद कुमार के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रही हैं। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव, महानिदेशक श्री प्रवीण पगारिया, प्रो-कुलपति डॉ. दीपिका धांध, रजिस्ट्रार श्री गोकुलानंद पंडा, मैट्स स्कूल ऑफ लाइब्रेरी साइंस की प्रमुख डॉ. कल्पना चंद्राकर सहित उपस्थित शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।

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कार्यक्रम में डॉ. प्रमोद कुमार द्वारा रचित कविता “आइए, हम भी लाइब्रेरी का इस्तेमाल करना सीखें” का भावपूर्ण पाठ किया गया। कविता के माध्यम से पुस्तकालय को ज्ञान, नवचेतना, वैज्ञानिक चिंतन एवं नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए विद्यार्थियों और समाज के सभी वर्गों को पुस्तकालयों का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मैट्स स्कूल ऑफ लाइब्रेरी साइंस की प्रमुख डॉ. कल्पना चंद्राकर ने की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रमुख, प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के अवसर पर “लाइब्रेरी ऑन व्हील्स” जैसी अभिनव पहल के माध्यम से पुस्तकालय संसाधनों की अधिकतम एवं प्रभावी उपयोगिता तथा ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा, संस्कार और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आमजन से पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा देने, नियमित पठन-पाठन की आदत विकसित करने तथा उपलब्ध पुस्तकालय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया गया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि ज्ञान को जीवन का आधार बनाकर ही व्यक्ति अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है और समाज तथा राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है।

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