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निजी समस्याओं से त्रस्त दक्षिण पाटन की जनता, जनप्रतिनिधि सार्वजनिक समस्याओं के समाधान में असफल; सुशासन तिहार में 2,373 आवेदन प्राप्त

पाटन, 04 जून। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत जामगांव आर में 03 जून को सुशासन तिहार समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रशासन को कुल 2,373 आवेदन प्राप्त हुए, जो अब तक आयोजित अन्य समाधान शिविरों की तुलना में सर्वाधिक बताए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र में लंबित समस्याओं और जनता की बढ़ती अपेक्षाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, इससे पूर्व ग्राम पंचायत घुघुवा (क), ढौर, मर्रा एवं आदर्श ग्राम कौही में भी समाधान शिविर आयोजित किए गए थे, लेकिन जामगांव आर में प्राप्त आवेदनों की संख्या सबसे अधिक रही। बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों को लेकर लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या पूर्व में प्राप्त आवेदनों का पूर्ण निराकरण नहीं हो पाया है अथवा विभिन्न विभाग जनता की समस्याओं के समाधान में अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं।

क्षेत्र में अवैध शराब, गांजा एवं अन्य अवैध गतिविधियों को लेकर भी लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। रानीतराई क्षेत्र में इन मुद्दों के खिलाफ स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जामगांव आर मंडल के महामंत्री निर्मल जैन तथा कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू द्वारा प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

सुशासन तिहार के दौरान किसानों ने कथित रूप से अवैध बिजली कनेक्शन के नाम पर लगाए गए दंडात्मक शुल्क (पेनाल्टी) संबंधी शिकायतें भी दर्ज कराई हैं। इन मामलों के निराकरण हेतु संबंधित विभागों को आवेदन भेजे गए हैं। शिविर में कुछ आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया, जबकि शेष मामलों को विभागीय कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया गया है।

दक्षिण पाटन क्षेत्र की सार्वजनिक समस्याओं में जामगांव आर को तहसील का दर्जा देने, सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तथा राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लंबे समय से इन मांगों को शासन-प्रशासन के समक्ष उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है।

वर्तमान में जामगांव क्षेत्र में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अतिरिक्त किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण क्षेत्रवासियों को बैंकिंग कार्यों के लिए पाटन स्थित एसबीआई शाखा पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार की मांग की है।

सुशासन तिहार में बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों ने दक्षिण पाटन क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को उजागर किया है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लंबित आवेदनों का निराकरण कितनी शीघ्रता और प्रभावी ढंग से किया जाता है तथा क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांगों पर शासन-प्रशासन कब तक ठोस निर्णय लेता है।

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