132 केवी लाइन विवाद: किसान 2 दिसंबर को एसडीएम कार्यालय में दर्ज करेंगे आपत्तियाँ
पाटन: अण्डा 132 केवी विद्युत लाइन निर्माण को लेकर प्रभावित किसानों की नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है। मुआवज़े की अस्पष्ट प्रक्रिया, सर्वे एवं मार्ग-चयन में किसानों की सहमति न लेने और मूल्यांकन दरों की जानकारी उपलब्ध न कराने के विरुद्ध किसानों ने अपनी आपत्तियाँ तेज कर दी हैं। इसी संदर्भ में प्रभावित किसानों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्राम मटंग व बोदल के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे और उन्होंने वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता जताई।
किसानों ने निर्णय लिया कि वे अपनी आपत्तियाँ और मांगों को औपचारिक रूप से प्रस्तुत करने दिनांक 02 दिसंबर 2025, दिन–मंगलवार, समय–11 बजे सामूहिक रूप से एसडीएम कार्यालय पाटन पहुंचेंगे। किसान संघर्ष समिति ने बताया कि इस दौरान वे प्रशासन से सर्वे रिपोर्ट, स्वीकृत मार्ग-चयन प्रतियां, मूल्यांकन दरें, देय राशि का विवरण तथा अब तक की गई सभी प्रशासनिक कार्यवाहियों की प्रतियां मांगेंगे।


किसानों ने जोर दिया कि भूमि क्षतिपूर्ति का निर्धारण शासनादेश 10 मार्च 2025 तथा केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड 2025–26 की गाइडलाइन के अनुरूप होना चाहिए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मुआवज़ा प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायसंगत नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
किसानों के मार्ग दर्शन के लिए किसान नेता ढालेश साहू उपस्थित रहें।
किसान नेता व सरपंच अमित हिरवानी ने कहा पंचायत ग्रामीणों के साथ है।बैठक में किसान वेदराम बारले, हिरासिंग ठाकुर, अमरदास नागे,जगदीश वर्मा, होमलाल शिवारे, होमलाल वर्मा,ललित साहू, गंगोत्री वर्मा, रोशन लाल, चंद्रकेतु यादव,भुनेश्वर प्रसाद,सुनील कुमार, नारायण साहू,राजेश साहू,लोकनाथ,बिसेसर यादव, आदि मटंग बोदल के चालीस किसान उपस्थित थे।






