फर्जी दस्तावेजों से किराये की कार को अपना बताकर बेचने का प्रयास, आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग, 03 सितंबर 2026। थाना खुर्सीपार पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किराये की कार को स्वयं का वाहन बताकर बेचने का प्रयास करने वाले आरोपी को त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार क्रमांक CG 10 BE 6250 बरामद की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 02 सितंबर 2026 को प्रार्थी हिमांशु वैष्णव ने थाना खुर्सीपार में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी शुभम अनिल रामटेके ने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं ड्राइविंग लाइसेंस आदि दस्तावेज प्रस्तुत कर कार क्रमांक CG 10 BE 6250 किराये पर ली थी। इसके बाद आरोपी ने उक्त किराये की कार को अपना वाहन बताते हुए किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया।
शिकायत प्राप्त होने पर थाना खुर्सीपार पुलिस ने अपराध क्रमांक 388/2026 पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना प्रारंभ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंद घंटों के भीतर हिरासत में लिया। पूछताछ एवं विवेचना के दौरान आरोपी की संलिप्तता सामने आने पर समक्ष गवाह वाहन क्रमांक CG 10 BE 6250 को बरामद किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया।
अपराध करने का तरीका
आरोपी द्वारा किराये पर प्राप्त कार को अपना वाहन दर्शाने के उद्देश्य से फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार/प्रस्तुत किए गए तथा उक्त वाहन को स्वयं का वाहन बताकर अन्य व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया गया।
घटना स्थल
छावनी ओव्हर ब्रिज के नीचे, निखिल होटल के पास, खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
गिरफ्तार आरोपी
शुभम अनिल रामटेके, उम्र 30 वर्ष, निवासी नागपुर निर्मल कॉलोनी, जरीपटका, नारा रोड, थाना जरीपटका, जिला नागपुर, महाराष्ट्र।
जप्त सामग्री
कार वाहन क्रमांक CG 10 BE 6250
आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 388/2026 में BNS की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 337, 338 एवं 340(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
सराहनीय भूमिका
उक्त कार्रवाई में थाना खुर्सीपार के निरीक्षक लक्ष्मण केवट एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वाहन खरीदते अथवा विक्रय करते समय वाहन एवं उससे संबंधित दस्तावेजों का अनिवार्य रूप से सत्यापन करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, फर्जी दस्तावेज अथवा वाहन संबंधी धोखाधड़ी की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



