जामगांव आर में 25 वर्षों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दरकार, जनता आज भी मूलभूत सुविधा से वंचित
दुर्ग। पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दक्षिण पाटन के हृदय स्थल जामगांव आर आज भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। लगभग 25 वर्षों से क्षेत्र के नागरिक एक पूर्ण स्वास्थ्य केंद्र की मांग कर रहे हैं, किंतु अब तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है।
जामगांव आर न केवल दक्षिण पाटन का केंद्रीय ग्राम है, बल्कि आसपास के कई गांवों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र भी है। इसके बावजूद यहां प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अभाव लोगों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि छोटी-बड़ी बीमारी में भी उन्हें पाटन अथवा सीधे दुर्ग जिला चिकित्सालय का रुख करना पड़ता है, जिससे समय, धन और जान का जोखिम बढ़ जाता है।


स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि 17 वर्षों तक भाजपा और 8 वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रहने के बावजूद जामगांव आर को स्वास्थ्य केंद्र की सौगात नहीं मिल सकी। इनमें से 10 वर्ष क्षेत्र के संसदीय सचिव का कार्यकाल रहा और 5 वर्ष तक यह क्षेत्र मुख्यमंत्री का भी रहा, फिर भी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
आज यह सवाल क्षेत्र की जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर राजनीति क्यों हो रही है और जनता की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी क्यों की जा रही है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की सरकार और नरेंद्र मोदी की “मोदी की गारंटी” के तहत सुशासन की बात की जा रही है। ऐसे में अब निगाहें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या जामगांव आर को वर्षों से लंबित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सौगात मिल पाएगी या नहीं।
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेकर जामगांव आर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की मांग दोहराई है, ताकि आम जनता को समय पर और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिल सके।






